🌻🌹*⚜श्री हनुमान🌻🌹*⚜

*(श्री राधा विजयते नमः)*

*(श्रीमत् रमणविहारिणे नमः)*

*●▬▬▬▬▬▬▬♧ॐ♧▬▬▬▬▬▬▬●*

🌻🌹*⚜श्री हनुमान🌻🌹*⚜

*●▬▬▬▬▬▬▬♧ॐ♧▬▬▬▬▬▬▬●*
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हनुमान कौन है?

हनुमान -जिन्होंने अपना अभिमान ख़त्म कर दिया ।

वर्ण के आधार पर हनुमान का अर्थ-
-जिस व्यक्ति के जीवन का द्रष्टि कोण सकारात्मक है । (गुजराती का शब्द -हकारात्मक )
नु-जो स्वप्न में भी किसी के नुक्सान करने का नहीं सोचता ।
मा-जिसको मान नहीं है ।
-नम्रता(नम्रता की मूर्ति),विनम्र, जिसका जीवन सरल है ।

श्रीराम हनुमानजी से-

श्रीराम-आप कौन है ?

हनुमानजी– मै,स्थूल रूप से-आपका दास हूँ ।(राम दूत मै मातु जानकी -सुन्दरकाण्ड )

जीव रूप से-आपका अंश हूँ ।(ईश्वरअंश जीव अविनाशी )

अध्यात्मिक रूप से-आप और मुझ में कोई अंतर नहीं है ।(नारद भक्ति सूत्र)

हनुमान चालीसा में हनुमान शब्द-

4 बार हनुमान शब्द क्यों?
1. ईश्वर,ब्रहम,परमात्मा,भगवान हनुमान है |
2.मान, बुद्धि,चित,अहंकार हनुमान है |
3.नाम,रूप,लीला,धाम हनुमान है |
4.धर्म,अर्थ,काम,मोक्ष हनुमान है |
5.सतयुग,त्रेतायुग,द्वापरयुग,कलयुग में भी हनुमान |
6.ब्राहमण है,क्षत्रिय,वैश्य,शुद्र हनुमान है |

…………….✍🏻

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*•🌺• 📿 📿•*

*🌺श्री स्वामी हरिदास🌺*

*•📿जै जै कुँज विहारी📿•*

*🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿*

🌻*श्री राधेशनन्दन जी*🌻

*●▬▬▬▬▬▬▬♧ॐ♧▬▬▬▬▬▬▬●*

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