🌻🌹*⚜क्यूँ निराश है तू?🌻🌹*⚜

*(श्री राधा विजयते नमः)*

*(श्रीमत् रमणविहारिणे नमः)*
*●▬▬▬▬▬▬▬♧ॐ♧▬▬▬▬▬▬▬●*

🌻🌹*⚜क्यूँ निराश है तू?🌻🌹*⚜

*●▬▬▬▬▬▬▬♧ॐ♧▬▬▬▬▬▬▬●*
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पाँव थक गए तो क्या हुआ?
सफर तो पूरा हुआ नहीं।
राहें भूल गए तो क्या हुआ?
तू पीछे अब तक मुड़ा नहीं।।
सूर्य ढल गया तो क्या हुआ?
रात्रि अभी तक हुआ नहीं।
रात्रि भी हो तो क्या हुआ?
दिया अभी तक बुझा नहीं।।
बारी हार गए तो क्या हुआ?
हौसला अब झुका नहीं।
मंज़िल छूट गयी तो क्या हुआ ?
सपना अब तक टूटा नहीं।।
समय विपरीत है तो क्या हुआ?
किस्मत तेरा रूठा नहीं।
किस्मत भी रूठ गयी तो क्या हुआ?
जीवन अभी तक रुका नहीं।।

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*•🌺• 📿 📿•*

*🌺श्री स्वामी हरिदास🌺*

*•📿जै जै कुँज विहारी📿•*

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🌻*श्री राधेशनन्दन जी*🌻
*●▬▬▬▬▬▬▬♧ॐ♧▬▬▬▬▬▬▬●*

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