भक्ति का बीज

                 *(श्री राधा विजयते नमः)*
              *(श्रीमत् रमणविहारिणे नमः)*
             
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     🌻🌹 भक्ति का बीज 🌹🌻
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🍀     *महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी* के सूत्रों को हृदयांगम करते हुए सन्त जन कहते हैं कि श्री स्वामिनी जी के चरणों के चिन्हों में जौ का चिन्ह है।यह वस्तुतः भक्ति का बीज है।भक्त जब श्री किशोरी जी की भक्ति कर इस चिन्ह को अपने हृदय में प्रवेश करवा लेता है तो उनकी कृपा को प्राप्त कर लेता है।

🍀    नित्य सत्संग के रस से इस अंकुर को सींचता रहता है तो सुनिश्चित रूप से उसके अन्तस् में भगवद प्रेमानकुरण प्रस्फुटित हो जाता है।ऐसा ही भगवद प्रेमांकुरण द्रोपदी के अन्तस् में था ।

🍀     अतः द्रोपदी कोमलहृदया थी ।जहाँ कोमलता होती है वहाँ प्रभु का सहज रूप से निवास होता है ।कोमल सहृदय भक्त के अन्तस में प्रभु करुणा भर देते हैं।द्रोपदी परमभगवदिया है।
 *क्रमशः ……………* 
                          ✍🏻  
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   *🌺श्री स्वामी हरिदास🌺*
       *•📿जै जै कुँज विहारी📿•*

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                   _*श्री राधेशनन्दन जी*_
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