चलो धर्म की दुकान खोलते हैं।

जै जै कुँज विहारी                                                                                                                    जै जै कुँज विहारी
(श्री राधा विजयते नमः)
चलो धर्म की दुकान खोलते है।

Date:- 10/09/2018
स्वामी श्री हरिदास राधेशनन्दन जू

आपका स्वागत है।आज के खास ग़ज़ल में। जो हमारे कुछ खास लोगो के उपर है।इस ग़ज़ल को पढ़ने के बाद शायद आपको अपने देश की कुछ फिकर हो।
लो धर्म की दुकान खोलते है।
चलो धर्म की दुकान खोलते है।
हिन्दू और मुसलमान बेचते है
सुना बाज़ार में बहुत बिकता है
चलो मिलकर ईमान बेचते है।
चलो लोगों का ध्यान खींचते है
भड़का कर उसे जाती बेचते है
सुना बाज़ार में बहुत बिकता है
चलो मिलकर ईमान बेचते है
चलो धर्म की दुकान खोलते है
लोगों के जज्बात बेचते है
सुना इंसानियत भी बहुत बिकता है
चलो मिलकर ईमान बेचते है।।

Advertisements